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Care Together Welfare Society

We Care We Serve • HARYANA
Helpline No. 7015835344
पंजीकरण संख्या HR/010/2025/01252

Care Together Welfare Society

(We care we serve)

Care Together Welfare Society (CTWS) का गठन इस मूल विचारधारा के साथ किया गया है कि सामूहिक सहभागिता और आपसी सहयोग के माध्यम से न केवल प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को, बल्कि अपने परिवार और संपूर्ण समाज को भी सुरक्षित एवं सशक्त बना सकता है।

CTWS एक ऐसा संगठित सामाजिक मंच है जो निःस्वार्थ सेवा, आपसी विश्वास और सहयोग की भावना पर आधारित होकर आर्थिक रूप से सुदृढ़ तथा सामाजिक रूप से जागरूक समुदाय के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। समाज का उद्देश्य है कि हर सदस्य आपात परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बने और सामूहिक शक्ति के माध्यम से एक सुरक्षित, समर्थ एवं संवेदनशील समाज की स्थापना हो।

सदस्यता

CTWS का सदस्य बनने के लिए कोई भी इच्छुक व्यक्ति हमारी वेबसाइट https://ctwsharyana.com पर जाकर नियम एवं शर्तों को सहमति देने के बाद सोसायटी द्वारा निर्धारित सदस्यता शुल्क के साथ सदस्य बन सकता है।

सहयोग का आश्वासन:

CTWS के किसी भी पंजीकृत सदस्य की यदि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में मृत्यु हो जाती हैं तो उसके द्वारा जो भी व्यक्ति नामित(Nominee) किया होगा उस व्यक्ति को सोसायटी के तय किए गए नियमों के अनुसार अधिकतम 10 लाख की राशि सहयोग के रूप में प्रदान की जाएगी। यह सहयोग राशि सदस्य के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता और उसके परिवार के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण है।

नोट: सहयोग राशि पूर्णतया सोसायटी के सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगी।

CTWS की सामाजिक उत्थान में पहल

CTWS सामाजिक एवं मानव सेवा के क्षेत्र में भी अनेक कल्याणकारी योजनाएं और गतिविधियॉ संचालित करता है, जिनका उद्देश्य समाज के वंचित व उपेक्षित तथा ज़रूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जैसे:

CTWS के प्रभावी संचालन हेतु राज्य, ज़िला, मंडल और ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारियों की इकाइयों का गठन किया जाएगा ताकि सोसायटी की संरचना अधिक समावेशी और प्रभावशाली बन सके। कोई भी व्यक्ति निःस्वार्थ सेवा भावना के साथ सोसायटी में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है, तो वह बिना किसी व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा किए जिम्मेदारियाँ ग्रहण कर सकता है।

नियमावली

  1. यदि कोई व्यक्ति CTWS का सदस्य बनना चाहता है तो उस व्यक्ति की आयु 25 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सोसायटी के नियमों के अनुसार सदस्य की आयु 55 वर्ष पूर्ण होते ही उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी उसके बाद वह व्यक्ति CTWS की किसी भी योजना या सहायता के लिए पात्र नहीं रहेगा।
  2. CTWS की वेबसाइट https://ctwsharyana.com पर जाकर कोई भी व्यक्ति सदस्यता के लिए पंजीकरण कर सकता है। CTWS की सदस्यता ग्रहण करने के लिए मात्र 100/- रुपये का शुल्क निर्धारित है जो सिर्फ एक ही बार देना है। एक बार सदस्यता ग्रहण करने के बाद अनिवार्य व्यवस्था शुल्क 100/- रुपये प्रति वर्ष है। सदस्यता की पुष्टि के बाद व्यक्ति का सदस्यता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा जिसे वह अपने लॉग-इन पैनल से डाउनलोड कर सकता है।
  3. CTWS के किसी भी पंजीकृत सदस्य की यदि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में मृत्यु हो जाती हैं तो CTWS के सभी सदस्यों को टेलीग्राम, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया तथा अन्य मंचों के माध्यम से सूचित किया जाएगा। CTWS के सभी सदस्यों को सोसायटी द्वारा निर्धारित न्यूनतम सहयोग राशि दिवगंत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में जमा करवाना अनिवार्य होगा और सहयोग राशि की ट्रांजेक्शन नम्बर व ट्रांजेक्शन की रशीद अपने लॉग-इन अकाउंट(login Account) से अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। सहयोग रसीद अपलोड न करने की स्थिति में सहयोग मान्य नही होगा। सोसाइटी के सदस्यों की संख्या के अनुसार प्रति सदस्य सहयोग राशि घटाने/बढ़ाने का अधिकार सोसाइटी के पास सुरक्षित रहेगा।
  4. वर्तमान में सहयोग प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि सदस्य सभी सहयोग पूर्ण किये हों और सहयोग करने के पश्चात अपने CTWS login Account से रसीद अपलोड अवश्य की हो। यदि कोई सदस्य सहयोग नहीं करता या सहयोग करने के बाद रसीद अपलोड नही करता है तो उसे सहयोग प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। क्योंकि सहयोग की वैधानिकता केवल रसीद अपलोड के बाद ही मान्य होगी।
  5. CTWS के प्रत्येक सदस्य के लिए लॉक इन पीरियड 365 दिन अर्थात 01 वर्ष का रहेगा। 5(A) लॉक इन पीरियड का अर्थ यह है कि यदि कोई व्यक्ति आज सदस्य बनता है और उसकी मृत्यु अगले 365वें दिन 01 वर्ष से पहले हो जाती है, तो उस स्थिति में उसे सहयोग नहीं दिया जाएगा। चाहे उस व्यक्ति ने लॉक-इन पीरियड के दौरान कोई सहयोग किया हो तो भी उसकी मृत्यु की स्थिति में उसके नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को उस सहयोग का लाभ नहीं मिलेगा। 5(B) यदि कोई सदस्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसके लिए लॉक-इन पीरियड 2 वर्ष अर्थात 24 महीने का होगा और उसके लिए पंजीकरण के दौरान बीमारी की जानकारी देना अनिवार्य होगा। नोट - CTWS के प्रत्येक सदस्य को रजिस्ट्रेशन करते समय या बाद में बीमारी का पता चलने पर अपनी बीमारी की जानकारी प्रोफाइल में अपडेट करना अति आवश्यक है और उसके लिए भी लॉक-इन पीरियड 2 वर्ष का ही रहेगा। यदि कोई सदस्य जानबूझकर यह जानकारी नहीं देता है, तो इसे तथ्य छुपाने की श्रेणी में माना जाएगा। 5(C) गम्भीर बीमारी की स्थिति में लॉक इन पीरियड 2 वर्ष का होगा। यदि किसी सदस्य द्वारा रजिस्ट्रेशन करते समय या बाद में किसी गम्भीर बीमारी के हो जाने पर अपनी प्रोफाइल में दर्ज/अपडेट नही करता है तो तथ्यगोपन की श्रेणी में मानते हुए उसको सहयोग किया जाना सम्भव नही होगा । गम्भीर बिमारियों की श्रेणी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(IMA) के द्वारा सूचीबद्ध की गई बीमारियाँ ही मान्य होगी। 5(D) गंभीर बीमारी की स्थिति में प्रोफाइल में अपडेट करना अनिवार्य होगा, छुपाए जाने पर टीम की जांच रिपोर्ट को ही अंतिम माना जाएगा उस पर किसी तरह का कोई कानूनी दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। 5(E) गंभीर बीमारी से संबंधित मामलों में टीम यह अपेक्षा करती है कि सभी सदस्य अपनी बीमारी की जानकारी समय पर अपनी प्रोफाइल में अपडेट करें। यदि किसी कारणवश यह जानकारी प्रोफाइल में अपडेट नहीं की गई है, तो ऐसे मामलों में निर्णय मृत्यु के कारण के आधार पर लिया जाएगा। यदि मृत्यु का कारण कोई गंभीर बीमारी पाई जाती है, तो उसे बीमारी की श्रेणी में शामिल माना जाएगा, चाहे वह प्रोफाइल में दर्शाई गई हो या नहीं। साथ ही, सदस्य के CTWS से जुड़ने के समय बीमारी की जानकारी थी या नहीं, यह टीम के निर्णय का विषय नहीं होगा। ऐसे सभी मामलों में अंतिम निर्णय मृत्यु के कारण को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। उदाहरण
    अगर किसी व्यक्ति की किडनी खराब है और वो CTWS से जुड़ता है तो उसके लिए लॉक इन पीरियड 2 वर्ष का ही होगा। माना की जुड़ने के 1 वर्ष बाद उसकी मृत्यु होती है तो वो अवैधानिक होगा किंतु अगर उसकी मृत्यु मार्ग दुर्घटना के कारण हुई हो तो उसे वैधानिक माना जायेगा क्योंकि मृत्यु बीमारी से न होकर मार्ग दुर्घटना से हुई है।
    नोट– गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु होने पर अगर मृत्यु का कारण कुछ ओर दर्शाया जाता है तो उसके पुख्ता प्रमाण देने होंगे अगर टीम उस प्रमाण से संतुष्ट होगी तो ही माना जायेगा अन्यथा बीमारी ही कारण माना जायेगा। इस तरह के मामले में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार पूर्ण रूप से टीम के पास होगा। उदाहरण– अगर किसी को कैंसर है, या किडनी खराब है और उसका इलाज चल रहा है ऐसी स्थिति में अगर कोई इलाज के दौरान हार्ट अटैक का दावा करता है तो उसको गंभीर बीमारी का ही मामला माना जायेगा। मृत्यु के अलग कारण से मतलब है बिमारी के इलाज के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना आदि से है। (सड़क दुर्घटना, लू लग जाना, नदी में डूब जाना आदि) 5(F) CTWS कोर टीम सहयोग के आह्वान हेतु अपने स्वविवेक का भी इस्तेमाल करके निर्णय लेने को भी स्वतंत्र होगी, वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेगी अपने स्तर से परीक्षण करने को स्वतंत्र होगी। कोई भी सदस्य/नॉमिनी सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा/अधिकार नही कर सकेगा, बल्कि सोसायटी नैतिक रूप से सहयोग करवाने का प्रयास करेगी। 5(G) यदि किसी दिवंगत सदस्य के एक से अधिक नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) हों, तो CTWS अपनी समझ और विवेक के अनुसार दूसरे नॉमिनी को भी सहयोग प्रदान करने के लिए स्वतः हस्तक्षेप करने के लिए स्वतंत्र होगी। इस निर्णय को लेकर लाभार्थी द्वारा सोसायटी के विरुद्ध किसी प्रकार की कानूनी या गैर-कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकेगी। यदि लाभार्थी या उसके परिवार द्वारा सोसायटी के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जाते हैं, गलत जानकारी फैलाई जाती है, दुष्प्रचार किया जाता है या दुर्व्यवहार किया जाता है, तो सोसायटी को यह अधिकार होगा कि वह दी गई सहयोग राशि को वापस लेकर किसी अन्य योग्य दिवंगत परिवार को हस्तांतरित कर दे। ऐसे मामलों में सोसायटी आवश्यकतानुसार कानूनी कार्यवाही करने के लिए भी स्वतंत्र होगी। 5(H) सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी सहयोग हो रहे/ हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दी जाए तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर द्वारा वो धनराशि उस सदस्य के खाते में वापस करना अति आवश्यक है। इसके लिए प्रदेश टीम गारंटी नही लेगी किंतु नियमानुसार गलती से भेजी गई धनराशि को वापिस करवाने हेतु यथासंभव सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।
  6. यदि कोई व्यक्ति सदस्य बनने के पश्चात सहयोग नहीं करता है या बीच में किसी कारण सहयोग नही कर पाया तो ऐसी स्थिति में उसकी वैधानिक सदस्यता समाप्त मानी जाएगी। ऐसे सदस्य निम्नलिखित नियमों के अनुसार अपनी वैधानिकता पुनः सक्रिय कर सकते हैं। 6(A) ऐसे सदस्य जो जुड़ने के उपरांत लगातार सहयोग करते आ रहे हैं, अगर 10 सहयोग से पहले (यानी 90% वाली छूट से पूर्व) कोई सहयोग ब्रेक होता है, तो वैधानिकता समाप्त हो जाएगी किंतु एक बार वैधानिकता समाप्त होने पर लगातार 03 सहयोग करके सदस्यता पुनः बहाल की जा सकेगी। 3 सहयोग पूरा होने तक वह सदस्य सहयोग प्राप्त करने हेतु वैध नही होगा, 3 सहयोग पूरा करते ही वह वैधानिक सदस्य हो जाएगा। लेकिन यह 01 सदस्य को केवल 01 ही बार ऐसा अवसर दिया जायेगा। यहाँ पर यह भी ध्यान देने योग्य होगा कि बीच में केवल 2 सहयोग से अधिक सहयोग ब्रेक ना हुए हो। इससे अधिक सहयोग ब्रेक होने की दशा में नियम 6(B) लागू होगा। सदस्य द्वारा 10 सहयोग कर देने पर 90% वाला नियम प्रभावी होगा, साथ ही 90% के नियमों के अतिरिक्त ब्रेक होने की स्थिति में नियम 6(A) से 6(F) परिस्थितियों के अनुसार लागू होंगे। 6(B) पंजीकृत सदस्य(जो 1 वर्ष पुराना हो) द्वारा बीच में 02 से अधिक सहयोग ब्रेक करने की स्थिति में लगातार 05 सहयोग करने के बाद ही सदस्यता बहाल मानी जायेगी, जब तक 05 सहयोग नही किये जाते, बीच मे मृत्यु होने की स्थिति में वह सदस्य अवैधानिक होगा और सहयोग प्राप्त नही कर सकेगा। कोर टीम की विशेष संस्तुति पर लगातार 05 सहयोग करने पर ही सदस्यता बहाल की जा सकेगी। ऐसे मामले में 03 माह का लॉक इन पीरियड भी लागू होगा। (यह जरूरी नही की 03 माह का लॉक इन पीरियड पूरा होने तक 5 सहयोग करने का अवसर आये, 03 माह के लॉक इन पीरियड पूरा करने के बाद 5 सहयोग पूरा करना अनिवार्य होगा।) 6(C) अगर कोई सदस्य दो वर्ष के बाद 02 से अधिक सहयोग(सहयोग ब्रेक की संख्या 05 से ज्यादा ना हो) छोड़ देता है तो उसे वैधानिक होने के लिए 01 माह का लॉक इन पीरियड तथा ब्रेक किए हुए सहयोग के साथ-साथ वर्तमान सहयोग भी पूर्ण करने होंगे। 6(D) जो सदस्य किसी कारण से सहयोग नही कर पाए और अब वह सहयोग करना चाहते हैं तो उनको हमेशा के लिए निकालने से अच्छा है कि उसे एक मौका दिया जाए। तो ऐसे सदस्य के लिए लगातार 05 सहयोग और 06 माह का लॉकिग पीरियड दोनों ही जरूरी होंगे। 6(E) कम से कम 10 सहयोग हो जाने के बाद यह देखा जा सकेगा की किसी सदस्य ने 90% अवसरों पर यदि सहयोग किया है, तो उस सदस्य की सदस्यता न तो निलंबित होगी, न ही उसे सहयोग से इंकार किया जायेगा। बशर्ते सहयोग न कर पाने का वाजिब संतोषजनक कारण हो। लेकिन 10 सहयोग के बाद ही 90% का नियम लागू माना जायेगा। 10 सहयोग से पहले 90% अवसरों पर सहयोग के नियम को नही माना जायेगा। तब तक समस्त सहयोग करना अनिवार्य होगा। नोट:- 90% सहयोग की व्याख्या - यदि कोई सदस्य पिछले 2 या उससे अधिक वर्ष से CTWS से जुड़ा है और उसके कुल सहयोग 90% से अधिक है और उसकी मृत्यु बिमारी से होती है तो वो वैधानिक माना जाएगा भले ही एक साथ लगातार सहयोग न हुआ हो ऐसी स्थिति में उसे लाभ मिलेगा और क्योंकि 90% सहयोग पूर्ण है और 2 वर्ष से पुराना है तो माना जाएगा कि जुड़ते समय स्वस्थ था। 6(F) यदि कोई सदस्य पूर्व में सभी सहयोग कर रहा था और वैधानिक सदस्य था किंतु गतिमान सहयोग के दौरान (सहयोग शुरू होने की तिथि से सहयोग खत्म होने तक) सहयोग की तिथि समाप्त होने से पूर्व सहयोग नही करता और उसी दौरान उसकी दुःखद मृत्यु हो जाती है तो वह लाभ का पात्र माना जायेगा क्योंकि यह माना जायेगा कि वह जीवित होते तो पूर्व की भाँति सहयोग करते। किंतु अगर सहयोग समाप्त हो जाने के बाद मृत्यु होती है तो गतिमान सहयोग की छूट का लाभ नही दिया जा सकेगा। जैसे- सहयोग शुरू होने के पूर्व या शुरू होने के दिन या गतिमान सहयोग के दौरान कोई सदस्य हॉस्पिटल में भर्ती होता है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो उस स्तिथि में दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग किया जा सकेगा। यहां पर यह भी देखा जाएगा कि उस स्थिति में गतिमान सहयोग पूर्ण हो गया, उस स्थिति में सहयोग करना जरूरी होगा। सहयोग समाप्त हो जाने के बाद मृत्यु होने की स्थिति में सहयोग नही दिया जा सकेगा।
    (यह नियम सिर्फ सदस्य के स्वयं के अपरिहार्य हालात जैसे गम्भीर दुर्घटना/ बीमारी/अस्पताल में होने की स्थिति में ही मान्य होगा।)
  7. यदि किसी सदस्य की मृत्यु आत्महत्या के कारण होती है तो उसे कोई भी सहयोग नहीं मिलेगा, या मृत्यु की परिस्थितियाँ ऐसी हों जिनमें लाभार्थी/आश्रित/नॉमिनी दोषी या अभियुक्त (आरोपी) के रूप में संलिप्त हो, तो ऐसी स्थिति में CTWS द्वारा किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। 7(A) एक से अधिक सदस्य की मृत्यु होने पर उसकी मृत्यु की तिथि के क्रम में ही सहयोग किया जाएगा। किंतु यदि किन्ही दो या अधिक सदस्यों की मृत्यु एक ही तिथि में होती है तो ऐसी स्थिति में उस सदस्य का सहयोग पहले किया जाएगा जिसके सहयोग करने का प्रतिशत/एवरेज अधिक होगा उसके बाद अन्य का। उपरोक्त प्रकरणों में किसी विशेष परिस्थिति जैसे स्थलीय निरीक्षण न हो पाना, कुछ तकनीकी कमी आदि मामलों में कोर टीम सहयोग के क्रम का निर्णय अपने विवेकानुसार ले सकेगी। 7(B) नॉमिनी सम्बन्धी विवाद की स्थिति में प्रदेश कोर टीम परिक्षणोंपरांत निर्णय लेने और सहयोग करवाने हेतु स्वतंत्र होगी।
  8. CTWS द्वारा हेल्पलाइन नंबर-7015835344 सदस्यों की सुविधा हेतु जारी किया गया है, जिस पर टेलीग्राम/कॉल/व्हाट्सएप्प के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है। कोई भी सदस्य इस नम्बर पर कॉल या मैसेज करके सूचना दे/ले सकता है।
  9. CTWS का सदस्य बनने के साथ ही CTWS के टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ना अनिवार्य होगा क्योंकि सभी आधिकारिक सूचनाएं टेलीग्राम ग्रुप पर ही दी जाएगी। सुविधाओं के दृष्टिगत सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भी सूचनाएं देने का प्रयास किया जायेगा लेकिन यह किया जाना बाध्यकारी नहीं होगा।
  10. CTWS सहयोग सीधे दिवंगत परिवारों के नॉमिनी के खाते में करवाती है इसलिए किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
    नोट:- यदि RBI की गाइडलाइंस के अनुसार एक खाते में ट्रांजिक्शनंस पे कोई लिमिट लगती है तो ऐसे केस में नॉमिनी के दो अकाउंट नंबर में सहयोग राशि जमा होगी।
  11. CTWS किसी भी व्यक्ति को जबरन या दबाव देकर सोसायटी का सदस्य नहीं बनाएगी, सदस्यों को नियम स्वीकार करके ही सदस्य बनने का विकल्प प्रदान किया जाता है, स्वेच्छा से कोई भी सदस्य कभी भी स्वयं को अलग कर सकता है।
  12. CTWS से जुड़ने हेतु कोई भी सदस्य नियम एवं शर्तों से सहमत होकर रजिस्ट्रेशन करके सदस्य बन सकता है और सहयोग कर सकता है। सहयोग पाने हेतु उपरोक्त नियमों के तहत ही दावेदारी होगी।
  13. सहयोग के दौरान कूटरचित/फर्जी रसीद या नियमों के विपरीत कार्य करने वाले सदस्यों के बारे में कोर टीम निर्णय लेने की अधिकारी होगी। ऐसे सदस्यों की वैधानिकता भी समाप्त की जा सकेगी और लाभ से भी वंचित किया जा सकेगा।
  14. सदस्यों की सुविधा के लिए सोसायटी ने एक हेल्पलाइन नंबर 7015835344 जारी किया है। इस नंबर पर कॉल या व्हाट्सएप्प के माध्यम से समय-समय पर जानकारी दी या ली जा सकती है। कोई भी सदस्य इस नंबर पर संपर्क करके आवश्यक सूचनाओं को प्राप्त कर सकते हैं। या सांझा कर सकते हैं।
    इसके अतिरिक्त सोसायटी सभी सदस्यों को व्यवस्था शुल्क हेतु जमा राशि से निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करेगी-
    a) वेबसाइट के निर्माण और उसके संचालन की व्यवस्था करने में
    b) मोबाइल ऐप तैयार करवाने और उसे सुचारु रूप से चलाने में
    c) SMS सुविधा उपलब्ध कराने हेतु
    d) एक कार्यालय और तकनीकी सहायता टीम की व्यवस्था करने में, जो तकनीकी समस्याओं के समाधान में आपकी मदद करेगी
    e) ज़मीन स्तर पर निरीक्षण कार्यों को संपन्न करने में,
    f) CTWS से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के अभियान को संचालित करने में
    g) प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए समय-समय पर नई तकनीकों के उपयोग में। (उपरोक्त नियमो में उनके लागू होने की स्थिति के बारे में हर क्लॉज में अवगत कराया गया है।
ℹ️नोट: